बलराम स्तुतिगीतम्



(१)

नमस्ते बलदेवाय रामायानन्तमूर्तये।

नीलाम्बरधरायाबलाय हलायुधाय ते॥


(२)

शेषात्मने कृष्णसहोदराय गोपालवल्लभाय च।

हलहस्ताय मुसलधारिणे बलभद्राय ते नमः॥


(३)

सङ्कर्षणाय ते नित्यं रोहिणीगर्भसम्भवम्।

गोकुले बाल्यलीलेषु कृष्णसङ्गीतवल्लभम्॥


(४)

धेनुकं हतवान् तालवृक्षानपि दण्डहस्तवान्।

बलवीर्यप्रियं रामं सदा सत्यप्रतिज्ञकम्॥


(५)

रथं त्यक्त्वा कुरुक्षेत्रे तीर्थयात्रां समाश्रितम्।

गदाशिक्षाप्रदातारं भीमदुर्योधनाय च॥


(६)

यदुनाथस्य नाशे च दुःखितं परमृषभम्।

योगनिद्रां गतं शान्तं समुद्रे शेषरूपिणम्॥


(७)

नमस्ते बलभद्राय बलवीर्यधरात्मने।

यदुनाथप्रियात्माने नमस्ते हलधारिणे॥


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✅ **परिवर्तन और सुधार**


* सभी यौगिकों में उचित सन्धि की गयी (जैसे “बलाय, हलायुधाय” → “बलाय हलायुधाय”)

* कुछ शब्दों को समास रूप में बदला (“बलवीर्य प्रियं” → “बलवीर्यप्रियं”)

* छन्द अनुष्टुप् (८-८-८-८ मात्राएँ) के अनुसार संतुलन किया।


अगर आप चाहें तो मैं इस स्तोत्र का **देवनागरी + IAST ट्रांसलिटरेशन** और **भावार्थ (हिन्दी या मलयालम)** भी तैयार कर सकता हूँ, ताकि इसे पाठ, गायन और अर्थ-समझ के लिए पूर्ण रूप में प्रयोग कर सकें।

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അഭിപ്രായങ്ങള്‍

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